Tupolev Tu-124M

चेन्नई.  भारतीय नौसेना लंबी दूरी की गश्ती विमान टीयू142एम को सेवामुक्त करने की तैयारी कर रहा है। यह विमान 29 वर्षो से सेवा में है।

नौसेना प्रमुख सुनील लांबा 29 मार्च को तमिलनाडु के अरक्कोनम स्थित देश के प्रमुख नौसेना हवाई केंद्र, आईएनएस राजाली में आयोजित एक विशेष समारोह में इस विमान को औपचारिक रूप से सेवामुक्त करेंगे।

नौसेना की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, टीयू142एम के स्थान पर अब पी-8एल विमान की सेवाएं ली जाएंगी, जिसे हाल ही में नौसेना में शामिल किया गया है। इस विमान की सभी प्रणालियां सत्यापित कर ली गई हैं और इसे नौसेना के संचालन ग्रिड से पूरी तरह जोड़ दिया गया है।

टीयू142एम से संबंधित स्क्वोड्रन के अंतिम कमान अधिकारी, कमांडर योगेंद्र मायर अपनी जिम्मेदारी कमांडर वी. रंगनाथन को सौंपेंगे, जो पी-8एल से संबंधित स्क्वोड्रन के पहले कमान अधिकारी होंगे।

बयान में कहा गया है, “टीयू142एम की शानदार सेवा के उपलक्ष्य में एक टीयू स्टैटिक डिस्प्ले विमान का भी उद्घाटन आईएनएस रजाली पर नौसेना प्रमुख करेंगे।”

टीयू142एम लंबी दूरी का समुद्री गश्मी विमान 1988 में गोवा के दाबोलिम में पूर्व के यूएसएसआर से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

उसके बाद विमान को 1992 में स्थायी ठिकाने आईएनएस रजाली पर स्थानांतरित कर दिया गया और यह भारतीय नौसेना का सर्वाधिक अपराजेय एलआरएमआर एएसडब्ल्यू विमान बन गया।

नौसेना ने कहा है, “विमान ने सभी प्रमुख नौसैन्य अभ्यासों और अभियानों में हिस्सा लेकर भारतीय नौसेना को गौरवान्वित किया है।”